01 मई

आओ कुछ सैटेलाइट्स गिराएँ

आओ कुछ सैटेलाइट्स गिराएँ।

नोटबंदी – किसान हारा,
जॉब्स ढूँढ़ता यूथ बेचारा।
उनके दर्द दूर करें हम-
आज उनका दिल बहलाएँ।

आओ कुछ सैटेलाइट्स गिराएँ।

पॉलिसी, डिफ़ेंस, वर्ल्ड हंगर
सॉल्व करते हैं न्यूज़ एंकर।
उनकी ही फिर से सुनें हम-
कुछ सनसनीखेज कर जाएँ।

आओ कुछ सैटेलाइट्स गिराएँ।

नीति-अनीति, छल कपट से,
साम-दाम या दंड-भेद से,
जिनसे दिक़्कत हो उन सबका
वोटर लिस्ट से नाम हटाएँ।

आओ कुछ सैटेलाइट्स गिराएँ।

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